नया क्षेत्र और नया कार्यकाल। समाजबन्धुओं को माहेश्वरी समाज जयपुर के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती कार्यकाल से काफी उम्मीदें हैं। बाहेती कार्यकाल ने धीरेधीरे इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। कार्यकाल के 6 माह की कार्यप्रणाली उम्मीदें बंधा रही हैं कि अच्छे दिनों की शुरूआत हो गई है। जरूरत है तो इस बात की कि बाहेती कार्यकाल इस दिशा में ईमानदारी से आगे बढ़ता रहे। कार्यकाल ने आपसी मनमुटाव जड़ता तोड़ते हुए समाज बन्धुओं को भरोसा दिलाने की भरसक कोशिश कर रही है कि उन्हें उनकी उम्मीदों का उन्हें पूरा ख्याल है।
जयपुर (का.सं.)। माहेश्वरी समाज जयपुर चुनाव में समाज की 16 हजार समाज बन्धुओं ने वाहेती कार्यकाल को अपने बलबूते पर सत्ता संभालने का जनादेश एक उम्मीद के साथ दिया था। यह उम्मीद भी अच्छे दिनों के आने की। कारण यह भी था कि समाज बन्धुओं को लग रहा था कि माहेश्वरी समाज जयपुर के सत्र 2019-22 में अध्यक्ष प्रदीप बाहेती उनकी कसौटी को खरा उतारेंगे और उनकी उम्मीदों को पूरा करेंगे। भले ही बाहेती कार्यकाल को बने हुए अभी 6 माह हुए हैं, लेकिन आम समाजबन्धुओं को लगने लगा है कि अब अच्छे दिन आने की शुरूआत हो गई है। समाज के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती भले ही समाज राजनीति के दांव पैचों और जी- फिलहाल हजूरी, चहेतों के चक्रव्यूह से बहुत ज्यादा वाकिफ न हैं, साथ ही समाज में सेवक के कर्ता के नाते उनका अनुभव बहुत लंबा है। वह शुरू से ही महेश्वरी समाज से सेवक के रूप में जुड़े हुए हैं। वाहेती की इस सोच का समाज को फायदा मिलेगा। बाहेती ने समाज सेवक एवं समाज के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पदों पर अपने कार्य को करते हुए उन्होंने पूरे समाज को देखा-परखा है। अपने 6 माह के कार्यकाल में बाहेती कार्यकाल ने कुछ मसलों को जिस मजबूत से सुलझाया है और चल रही व्यवस्था की जड़ता तोड़कर कार्यकाल में पारदर्शिता लाने की जो कोशिश की है, उससे लोगों को लगने लगा है कि कुछ देर से ही सही, लेकिन बेहतर नतीजे जरूर निकलेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि बाहे ती संवेदनशील अध्यक्ष के तौर पर उभरे है, जिन्होंने अभी कुछ दिनों पहले विपक्ष ग्रुप के सामूहिक इस्तीफे की प्रतिक्रिया को आपसी तालमेल से इन्हें राजी कर लिया और इस्तीफे वापिस हो गये हैं। इसके साथ ही बाहेती ने समाज बन्धुओं की हर छोटी-बड़ी दिक्कतों का सहज रास्ता निकालने का मन बनाया है। आम समाज बन्धुओं में समाज नेताओं के प्रति जो अविश्वास पैदा हुआ है, अध्यक्ष बाहेती ने उसे सुलझाने की दिशा में बड़ी पहल की है। किसी भी कार्यकाल की क्षमता को परखने के लिए 6 माह का वक्त बहुत थोड़ा होता है, लेकिन आपसी मनमुटाव के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत माहेश्वरी समाज जयपुर के अन्तर्गत संचालित एज्युकेशन कमेटी के माध्यम से एज्युकेशन प्रणाली, अध्यक्ष विंडो, ऑनलाइन समाज की गतिविधियों की जानकारी, पदाधिकारियों की जवाबदेही और सत्ता संचालन में आम समाजबन्धुओं की भागीदारी की शुरूआत हुई है, उससे फिलहाल तो नहीं लेकिन आगे चलकर समाज को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अध्यक्ष ने अपने पदाधिकारियों, कार्यप्रणाली सदस्य टीम और नियुक्त कमेटियों को भी कार्यों को सौंपकर सुचारू रूप से शुरूआत की हैं। बाहेती की सबसे बड़ी चाहत गुड गवर्नेस हैं। उन्हें मालूम है कि सुशासन समाज के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने नियुक्त पदाधिकारियों, नियुक्त कमेटियों को भी इस दिशा में जुटने को कहा है। माहिरों के अनुसार अध्यक्ष केबल समाज बन्धुओं व आम बन्धुओं की नजर में माहेश्वरी समाज जयपुर को नम्बर एक समाज बनाना चाहते हैं बल्कि उनकी मंशा है कि जो कुछ भी हो, वह हकीकत धरातल पर नजर आए। आमतौर पर नया कार्यकाल आने पर अवसरवादी और साधन सम्पन्न लोग कार्यकाल के कार्यों की गतिविधियों पर घेराबंदी कर लेते हैं और ग्रुप का वफादार कार्यकर्ता अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस करने लगता है, लेकिन अध्यक्ष बाहेती को कार्यकर्ताओं की ताकत का बखूबी अंदाजा है, इसलिए इस नये कार्यकाल में अवसरवादियों को शायद उतनी अहमियत ना मिले। सबसे अहम बात यह है कि समाज अध्यक्ष प्रदीप वाहेती ने कार्यकाल की योजनाओं को व्यवहारिक बनाने की दिशा में बड़ी शुरूआत की है। 'बेटी बचाओ' मुहिम सामाजिक बुराईयों के खिलाफ एक बड़ी दस्तक है। इसके साथ ही पौधारोपण कार्य को भी तीव्र गति से शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीके इस अभियान को समाज में एवं शिक्षण संस्थानों में इसे उठाना एवं निभाना सामाजिक रूप एवं पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण कार्य है। सत्र 2019-22 चुनाव में जाखोटिया ग्रुप के कुछ पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य दरगड़ ग्रुप में शामिल हुए हैं और बाहेती कार्यकाल में उनकी ज्यादा पूछ होना भी लाजिमी है, इसलिए देखा गया है कि अध्यक्ष ने उन महानुभावों को नजरअंदाज नहीं होने दियावर्तमान कार्यकाल में प्रदीप बाहेती अध्यक्ष के नेतृत्व का कार्यकाल बनाने में जाखोटिया ग्रुप के कार्यकर्ताओं और कार्यकारिणी सदस्यों का भी अहम योगदान रहा है। यही वजह है कि बाहेती कार्यकाल में दरगड़ ग्रुप के पुराने कार्यकर्ताओं और कार्यकारिणी सदस्यों की बराबर पूछ हो रही हैसमाज अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने कमल सोमानी, सुमन लढ्ढा, बंकट तोषनीवाल को अपने ओएसडी के रूप में तैनात किया है। सोमानी, लड्ढा, |तोषनीवाल समाज के ग्रुप कार्यकर्ताओं से परिचित है। वह कार्यकाल और ग्रुप के बीच एक सेतु का काम कर रहे हैं। मीडिया प्रभारी चन्द्रमोहन शारदा भीग्रुप संगठन से जुड़े रहे हैं और उन्हें भी कार्यकाल को सुचारू रूप से चलाने का अंदाजा है, वे भी सार्थक सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। असल में सत्र 2019-22 में समाज बन्धुओं को नये |कार्यकाल और नए अध्यक्ष प्रदीप बाहेती से ढेर सारी उम्मीदें हैं।